शोध के अनुसार बताया जा रहा की 40 वर्ष की आयु के बाद 40 पर्सेंट लोग नपुंसकता के शिकार हो रहे है और इसका प्रमुख कारण है लोगों द्वारा मोबाइल फ़ोन को जेब में रखना , जिम में खूबसूरत बॉडी व फिगर बनाने के लिए इंजेक्शन ,दवाइयां व सप्लीमेंट का सेवन करना और अधिक मात्रा में पेन किलर लेना। डॉ. सुनील जिंदल ने बताया हाल ही में मोबाइल पर हुए एक अध्यन में ये बात साबित हुई है की जेब में मोबाइल रखने के कारण फ़ोन के रेडिएशन से शुक्राणु मरते जा रहे है और लोग नपुंसक हो रहे है
महिलाओं के अधिक पेन किलर खाने से उनके अंडाणु नष्ट हो जाते हैं। जिम में पुरुषों व महिलाओं द्वारा सुडोल बॉडी बनाने के लिए इंजेक्शन, दवाइयां, सप्लीमेंट का प्रयोग करने के कारण उनके शुक्राणु-अंडाणु नष्ट हो रहे हैं। जिससे उनमे नपुंसकता व बांझपन बढ़ता जा रहा है। डॉक्टरों की सलाह है की युवा वर्ग खानपान और खाने के तरीकों में सावधानी बरतें। नपुंसकता दो तरह की होती है एक शुक्राणुओं-अंडाणुओं का शून्य होना, नसों में कोलेस्ट्रोल होना है। इसका कारण स्ट्रेस, हार्मोनल, प्रदूषण और खानपान में गड़बड़ी है।
विशेषज्ञों ने बताया की प्लास्टिक के बर्तन में खाना रखने ,माइक्रोवेब में खाना गर्म करके खाने से सिस्ट बनने का खतरा रहता है इस कॉन्फ्रेंस के अंतिम दिन बाँझपन,हाई रिस्क प्रेग्नेंसी,महिलाओं की नालियों में संक्रमण, पीसीओडी,टीबी,जी-सीएसएफ, पीआरपी थेरेपी आदि विधियों पर 50 व्यख्यान हुए हैं।
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