Monday, 14 October 2019

इन चीजों के बिना अधूरा माना जाता है करवा चौथ का ये व्रत, कौनसी हैं वो चीजें


करवा चौथ स्त्रियों का सर्वाधिक प्रिय व्रत है। वैसे तो हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को गणेश जी और चंद्रमा का व्रत किया जाता है, लेकिन इनमें करवा चौथ का महत्त्व ज्यादा है। इस दिन सौभाग्यवती स्त्रियां सुहाग यानी पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और परिवार की समृद्धि की मंगलकामना के लिए यह व्रत करती हैं।

ध्यान रखने वाली खास बातें:

# सरगी से ही करवा चौथ के व्रत का प्रारंभ माना गया है। हर सास अपनी बहू को सरगी देती है और व्रत पूर्ण होने का आशीर्वाद देती है। सरगी में मिठाई, फल आदि होता है, जो सूर्योदय के समय बहू व्रत से पहले खाती है।

# करवा चौथ का व्रत निर्जला रखा जाता है, इसमें व्रत रखने वाले व्यक्ति को पूरे दिन तक कुछ भी खाना और पीना वर्जित रहता है। जल का त्याग करना होता है।

# करवा चौथ के व्रत में सुबह से ही श्री गणेश, भगवान शिव और माता गौरी की पूजा की जाती है, ताकि उन्हें अखंड सौभाग्य, यश एवं कीर्ति प्राप्त हो सके।

# करवा चौथ में पूजा के लिए शुद्ध पीली मिट्टी से शिव, गौरी एवं गणेश जी की मूर्ति बनाई जाती है। फिर उन्हें चौकी पर लाल वस्त्र बिछाकर स्थापित किया जाता है।

# दिन में पूजा की तैयारी के बाद शाम में महिलाएं एक जगह एकत्र होती हैं। वहां पंडितजी या उम्रदराज महिलाएं करवा चौथ की कथा सुनाती हैं। इसके बाद चांद के निकलने पर उसे अर्घ्य देना चाहिए। इसके बाद पानी पीकर अपना व्रत खोलती हैं।



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