कोई इंसान कितना मजबूर होता है इसका ताजा नजारा कभी ना कभी देखने मिल ही जाता है। महाराष्ट्र के कोल्हापुर जि़ले के एक छोटे से गांव की रहने वाली शांताबाई एक ऐसी महिला है। शांताबाई ने तकरीबन 40 साल पहले अपने पति की मौत के बाद अपनी 4 बेटियों के पालन-पोषण के लिए गांव-गांव जाकर बाल काटने का काम शुरू किया।
क्यों कटती है बाल:
पति की मौत के बाद जिंदगी का सफर शांताबाई के लिए बडा ही कठिन रहा। अपनी मेहनत के दम पर शांताबाई ने एक घर भी बनवायाए अपनी लड़कियों की शादी भी करवाई। एक रुपये में बाल काटने से शुरू हुए सफर में शांताबाई आज 70 साल की उम्र में भी उस्तरा चलाती हैं।
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