इस महामारी से ठीक हुए लोगों का कहना है कि अन्य लक्षणों के साथ-साथ बोलने में दिक्कत का होना कोरोना वायरस से संक्रमित होने का संभावित लक्षण है। डब्ल्यूएचओ के विशेषज्ञों का कहना है कि किसी व्यक्ति को बोलने में दिक्कत के साथ- साथ अगर चलने में दिक्कत हो रही है तो उसे तत्काल डॉक्टर को दिखाना चाहिए।
विशेषज्ञों ने आगाह किया कि अगर किसी को ऐसी गंभीर दिक्कत हो रही है तो उसे तत्काल डॉक्टर के पास जाना चाहिए। डॉक्टर के पास जाने से पहले हेल्पलाइन पर एक बार सलाह जरूर लें। WHO ने यह भी कहा है कि बोलने में दिक्कत हमेशा कोरोना वायरस का लक्षण नहीं होगा। कई बार दूसरी वजहों से भी बोलने में दिक्कत होती है।
इसी सप्ताह हुए एक अन्य शोध में कहा गया था कि कोरोना वायरस का एक अन्य लक्षण मनोविकृति भी है। मेलबर्न की ला ट्रोबे यूनिवर्सिटी ने चेतावनी दी थी कि कोरोना वायरस की वजह से कई मरीजों में मनोरोग बढ़ रहा है।
अध्ययन से जुड़े डॉक्टर एली ब्राउन ने कहा कि कोरोना वायरस हरेक के लिए बहुत तनावपूर्ण अनुभव है। यह इंसान के आइसोलेशन में रहने के दौरान ज्यादा बढ़ रहा है। अध्ययन से जुड़े टीम ने मर्स और सार्स जैसे अन्य वायरस का भी अध्ययन करके यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या उनका इंसान की मानसिक स्थिति पर क्या असर पड़ रहा है।
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