हर रोग की असली वजह पेट की बीमारियां होती है जो अक्सर हमारे खान पान की वजह से होती है। कई लोगों को पेशाब से सम्बंधित बीमारी होती है। यह गंभीर रोग न होने के बावजूद परेशान बहुत करता है। कभी-कभी यह रोग इतना परेशान करता है कि हर दस मिनट पर पेशाब महसूस होने लगता है।
बहुमूत्र के घरेलू उपचार:
# आवंले के पांच ग्राम रस में मधु व एक चुटकी हल्दी मिलाकर पीने से थोड़ी ही देर में लाभ होता है। रोज़ मूली खाने से बहुमूत्र रोग की समस्या खत्म हो जाती है।
# आंवले का पाउडर व गुड़ मिलाकर खाने से लाभ होता है। तीन-तीन ग्राम जवाखार व मिसरी ताज़ा पानी के साथ लेने यह समस्या समाप्त हो जाती है।
# कलमी शोरा, दालचीनी, राई, टेसू के फूल व काला तिल समान मात्रा में लेकर चूर्ण बना लें। यह चूर्ण दो ग्राम मात्रा में सुबह-शाम मधु के साथ सेवन करने से बहुमूत्र रोग ठीक हो जाता है।
# घी में बबूल का गोंद भूनकर खाने से लाभ मिलता है। अदरक का ताज़ा रस लेने से रुका हुआ पेशाब बाहर आ जाता है और बहुमूत्र रोग में लाभ होता है।
# बहेड़ा का छिलका व जामुन की गुठली पीसकर चूर्ण बना लें। चार ग्राम चूर्ण रोज़ पानी के साथ आठ दिन तक नियमित लेने से बार बार पेशाब होना ख़त्म हो जाता है।
# एक किलो पानी में एक पाव दूध व दस ग्राम कलमी शोरा मिला लें। इसे दिन में दो बार पीने से पेशाब खुलकर आता है और बार-बार पेशाब लगने की समस्या दूर हो जाती है।
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