आजकल कैंडल जलाकर विश मांगना एक चलन हो गया है। हम सभी ख़ास मौकों पर केक जरुर काटते हैं। अगर ऐसे मौकों पर हम केक पर कैंडल नहीं सजाते हैं तो लोगों में वो उत्साह देखने को नहीं मिलता है। खास बात ये भी है कि हम भी केक पर कैंडल सजाकर खुश होते हैं। उससे भी ज्यादा खुशी हमें कैंडल बुझाकर मिलती है।
कैंडल के है ये नुकसान:
शोधकर्ताओं ने दावा किया है कि हम केक पर कैंडल सजाकर कई तरह की बैक्टीरिया को दावत देते हैं। लेकिन जब हम केक पर रखे जलते हुए कैंडल को फूंक मारकर बुझाते हैं तो बैक्टीरिया और अधिक बढ़ जाता है।
शोधकर्ताओं का कहना है कि केक पर लगी कैंडल्स बुझाते समय केक पर थूक फैल जाता है जिसके कारण केक पर 1400 फीसदी बैक्टीरिया बढ़ जाता है।
शोधकर्ताओं की माने तो इंसान के सांस में मौजूद बायोएरोसोल बैक्टीरिया का सोर्स है जो फूंक मारने पर केक की सतह पर फैल जाता है। इंसानों का मुहं बैक्टीरिया से भरा होता है।
इनमें से ज्यादातर बैक्टीरिया हानिकारक नहीं होते हैं। लेकिन अगर कोई बीमार व्यक्ति कैंडल्स को बुझा रहा है तो उस केक को खाने से अवॉइड करें।
from Fir Post http://bit.ly/2UzveDl


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